खबर छत्तीसगढ़ 29
बहुचर्चित मामला रिकॉर्ड के अनुसार मृतक महिला को जीवित बता कर रहे जमीनों पर दावा न्यायालय ने भी उक्त महिला को गलत बताया अब न्यायालय के आदेश को जनदर्शन में आवेदन दें कर रहे चैलेंज उक्त मामले में तहसीलदार भी हो गये है निलंबित मामले में प्रार्थी ने फिर परिवार न्यायालय में जाने कह रहे बात
लोकेशन – सूरजपुर
रिपोर्टर – रमीज राजा
दिनांक – 17/06/2025
बहुचर्चित बन चुका शैल कुमारी मामला जिसमें तहसीलदार को भी बली का बकरा बना निलंबित किया जा चुका है,,दरअसल एक महिला ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दिया और अपने आप को शैल कुमारी बताते हुए उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बना उसके जमीन को सौतेले बेटे द्वारा बिक्री करना बताया,,जहां उक्त मामले में हुई जांच के दौरान तहसीलदार की मिलिभगत बता तहसीलदार को आयुक्त के द्वारा निलंबित कर दिया गया,,जहां आज बिरेंद्र दुबे के वकील अजय पाण्डेय ने उक्त मामले को पुनः न्यायालय में दायर किया,,जहां उन्होंने कहा कि जों शिकायत कलेक्टर के यहां की गई है ऐसा ही मामला वर्ष 2011-12 में अम्बिकापुर व्यवहार न्यायालय में दायर किया गया था जहां उक्त महिला ने न्यायालय के समझ उपलब्ध साक्ष्य के अनुसार माना था कि वह सोनकुवर है शैल कुमारी बनकर अम्बिकापुर स्थित नमना कि जमीन की राशि आहरण किया था जिसके आधार पर व्यवहार न्यायालय ने बिरेंद्र दुबे को दोषमुक्त किया था, वही इस मामले से संतुष्ट न हों सोनकुवर ने ऐडीजे कोर्ट अम्बिकापुर में क्रिमिनल मामला दर्ज कराया था जहां ऐडिजे कोर्ट ने भी बिरेंद्र दुबे को दोषमुक्त किया था ,,वही अब 3 साल बाद फिर इस मामले को जनदर्शन में उक्त महिला ने आवेदन दिया जिसमें उसने कहा कि मैं शैल कुमारी हुं मेरा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बना जमीन बिक्री की गई है,, जहां बिरेंद्र दुबे के वकील ने कहा कि शैल कुमारी का अलग अस्तित्व है और सोनकुवर का अलग जहां सोनकुवर ने न्यायालय में माना है कि शैल कुमारी बन जमीन बिक्री की है,, वही जो शैल कुमारी का मृत्यु प्रमाण पत्र थाने से अनुविभागीय अधिकारी की जांच के बाद जारी किया गया है,,वही उन्होंने कहा कि तहसीलदार का निलंबन भी सवाल है जहां उनका पक्ष सुने बिना उन्हें निलंबित किया गया है,,जहां अब इस मामले में परिवार न्यायालय में प्रकरण दायर किया जा रहा है जहां स्पष्ट हो जाएगा कि शैल कुमारी की मृत्यु हो गई है और जो महिला अपने आप को शैल कुमारी बता रही हैं असल में वो सोनकुवर है,, बहरहाल अब इस बहुचर्चित मृत्यु प्रमाण पत्र और शैल कुमारी मामले में न्यायालय क्या कुछ कार्यवाही करती है और क्या आदेश देती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा,,,,,
बाइट – अजय पाण्डेय,, अधिवक्ता
