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निजी भूमि पर आंगनबाड़ी भवन निर्माण का आरोप, ग्रामीण ने न्यायालय में लगाई रोक की गुहार
ग्राम पंडरी में आंगनबाड़ी भवन को लेकर विवाद, खसरा 694/1 की जमीन पर निर्माण रोकने की मांग
आंगनबाड़ी भवन निर्माण बना विवाद की जड़, पीड़ित ने सरपंच-उपसरपंच व सचिव पर लगाया आरोप
रामानुजनगर/सूरजपुर। ग्राम पंडरी में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को लेकर विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम पंडरी निवासी विजय कुमार (पिता रामलाल) ने नायब तहसीलदार न्यायालय देवनगर में आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि पर बिना सहमति आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराया जा रहा है। आवेदक ने न्यायालय से इस निर्माण कार्य पर स्थायी रूप से रोक लगाने की मांग की है।
आवेदन पत्र के अनुसार ग्राम पंडरी स्थित खसरा नंबर 694/1, रकबा 0.06 हेक्टेयर भूमि आवेदक के स्वामित्व एवं कब्जे में है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत के कुछ पदाधिकारियों द्वारा उक्त भूमि पर जनरल आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। आवेदक ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य से उनकी भूमि पर अधिकार प्रभावित हो रहा है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में उनकी जमीन पर स्थायी कब्जे जैसी स्थिति बन सकती है।
सरपंच, उपसरपंच और सचिव को बनाया गया पक्षकार
आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन में ग्राम पंचायत के सरपंच बुद्धदेव, उपसरपंच शिवप्रसाद तथा ग्राम पंचायत सचिव को प्रतिवादी/अनावेदक के रूप में शामिल किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि पंचायत द्वारा जिस भूमि पर निर्माण कराया जा रहा है वह निजी भूमि है, इसलिए निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाना आवश्यक है।
बच्चों की सुरक्षा का भी उठाया मुद्दा
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण स्थल मेन रोड एवं चौराहे के समीप स्थित है, जहां यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे स्थान पर छोटे बच्चों का आना-जाना होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। आवेदक का कहना है कि यदि आंगनबाड़ी भवन इसी स्थान पर बनाया गया तो भविष्य में बच्चों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट का भी जिक्र
आवेदक ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि मामले को लेकर हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा स्थल निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट तैयार की गई थी। रिपोर्ट में भूमि की स्थिति एवं सीमांकन से संबंधित तथ्य दर्ज होने का दावा किया गया है। इसके आधार पर आवेदक ने न्यायालय से मांग की है कि निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए निष्पक्ष निर्णय पारित किया जाए।
निर्माण नहीं रोका गया तो बढ़ सकता है विवाद
आवेदक का कहना है कि यदि निर्माण कार्य को तत्काल नहीं रोका गया तो यह विवाद और बढ़ सकता है, जिससे ग्राम पंचायत स्तर पर तनाव की स्थिति भी बन सकती है। वहीं दूसरी ओर, गांव में यह चर्चा भी बनी हुई है कि आंगनबाड़ी भवन निर्माण को लेकर आगे और शिकायतें सामने आ सकती हैं।
फिलहाल मामला नायब तहसीलदार न्यायालय देवनगर में विचाराधीन है और न्यायालय द्वारा आवेदन पर सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है इस संबंध में सूरजपुर कलेक्टर जनदर्शन में भी आवेदन दिया गया है लेकिन अभी तक कोई प्रशासनिक ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।





