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पार्टी ने पार्षद प्रत्याशी के निर्धारित उम्र (21 वर्ष) से कम होने के बाद भी पार्षद प्रत्याशी का मुहर लगा कर सूची जारी किया – जरही

सूरजपुर/जरही:– नगर पंचायत जरही में नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा द्वारा जारी किए गए पार्षदों की सूची लापरवाही की बात सामने आ रही है पार्षद प्रत्याशियों की सूची में दो नाम ऐसे हैं जिनकी उम्र 21 वर्ष भी पूरी नहीं हुई है, नगर पंचायत जरही में चर्चा का विषय बना हुआ है और भाजपा के द्वारा जारी पार्षदों की सूची पर कई प्रश्न उठ रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 से भारतीय जनता पार्टी ने जिसे अपना पार्षद प्रत्याशी के रूप में सूची में घोषित किया है उसका वर्तमान में उम्र 21 वर्ष भी नहीं है वहीं वार्ड क्रमांक 12 की महिला प्रत्याशी के नाम को भी 21 वर्ष से कम बताया जा रहा है ऐसे में प्रश्न उठता है की क्या भाजपा ने सिर्फ हवा हवाई फायर करते हुए लोगों को टिकट वितरण किया है क्या सर्वे के नाम पर सिर्फ दिखावा किया गया है भाजपा संगठन द्वारा जिन नाम पर मोहर लगाई गई है क्या उनकी जानकारी ली गई है या फिर प्रतापपुर विधानसभा की विधायक और उनके लोगों के कहने पर भाजपा के पार्षद प्रत्याशियों की घोषणा की गई है।

बहरहाल अभी तक जो जानकारी मिली है उसमें दस्तावेजों के अनुसार वार्ड 14 के पार्षद की जो जन्मतिथि बताई जा रही है इसके हिसाब से प्रत्याशी की उम्र 21 वर्ष नहीं है। यह भी बताया जा रहा है कि प्रत्याशी ने स्वयं आगे आकर टिकट नहीं मांगा था बल्कि प्रतापपुर विधायक मैडम के कुछ खास लोगों द्वारा युवक के घर पहुंच कर भाजपा का टिकट देकर चुनाव लड़ने के लिए उत्साहित किया गया जिसके बाद युवक ने हामी भरी और वर्तमान में उम्र कम होने से प्रत्याशी परेशान है वहीं सूत्रों द्वारा वार्ड क्रमांक 12 की प्रत्याशी का भी उम्र 21 वर्ष से काम बताया जा रहा है।

भाजपा की चुनाव से पहले प्रत्याशियों की सूची में ही किरकिरी हो गई है पार्षदों प्रत्याशियों के चयन में लापरवाही नगरीय चुनाव पर कितना असर डालेगी यह तो देखने वाली बात होगी।

भाजपा ने सूची तो जारी कर दी है लेकिन वार्ड क्रमांक 5 के प्रत्याशी का नाम खाली रखा गया है यह भी प्रश्न का विषय है सूत्रों की मानें तो वार्ड पांच में नगर पंचायत की शुरुआत से ही कांग्रेस का कब्ज़ा रहा है जिस कारण वर्तमान में भाजपा को उस वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए भी उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं।

सूत्रों की माने तो जो भाजपा के पार्षदों की सूची में अभी कई बदलाव हो सकते हैं लेकिन चुनाव में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई यह भी प्रश्न उठता है कि क्या बिना दस्तावेजों की जांच किए या पार्टी में सक्रियता को बिना देखे कैसे संगठन ने पार्षद प्रत्याशियों का चयन किया है।

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