खबर छत्तीसगढ़ 29
ग्रीन एनर्जी के सपनों पर ग्रहण धूप की तपिश बनी काल बीच सड़क धू-धू कर जली ई-स्कूटी, चंद मिनटों में मलबे में तब्दील
सूरजपुर / जिले का व्यस्त मेन रोड उस वक्त ‘अग्नि परीक्षा’ का केंद्र बन गया, जब एक खड़ी इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी धधकती आग का गोला बन गई।
देखते ही देखते ओकीनावा कंपनी की यह स्कूटी राख के ढेर में तब्दील हो गई।
इस मंजर को देखकर आने जाने वाले राहगीरों में दहशत फैल गई व्यस्त सड़क पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
स्थानीय साहू गली निवासी दिनेश साहू अपनी ई-स्कूटी को एक पान दुकान के सामने खड़ी कर सामान लेने गए थे।
इसी बीच चिलचिलाती धूप में खड़ी स्कूटी में अचानक तकनीकी खराबी आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूटी की सीट अचानक अपने आप अनलॉक होकर खुल गई और बैटरी के पास से काला धुआं उठने लगा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल
यह शहर में कोई पहली वारदात नहीं है।
हाल ही में जिले में कई अन्य ई-स्कूटीया भी इसी तरह जलकर खाक हुई थी
हाल फिलहाल में एक अन्य शिक्षिका की ई स्कूटी भी आगजनी का शिकार हो चुकी है।
क्या हम बम पर सवार हैं
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद अब आम जनता के मन में यही सवाल है।
पेट्रोल के बढ़ते दामों से बचने के लिए लोग ई-स्कूटी तो खरीद रहे हैं, लेकिन क्या कंपनियां सुरक्षा मानकों से समझौता कर रही हैं
विशेषज्ञों की राय धूप या घटिया बैटरी
मुख्यालय में चर्चा है कि बढ़ता तापमान और तेज धूप बैटरी में ‘थर्मल रनवे’ की स्थिति पैदा कर रही है।
हालांकि, जानकारों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानक पुख्ता हों, तो धूप में खड़ी गाड़ी आग नहीं पकड़नी चाहिए।
यह सीधे तौर पर निर्माण गुणवत्ता और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की विफलता की ओर इशारा करता है।
सावधानी ही बचाव है
बॉक्स में
तेज धूप में ई-स्कूटी को सीधे खड़ा करने से बचें, छायादार जगह तलाशें।
चार्जिंग के तुरंत बाद गाड़ी तेज धूप में न निकालें।
अगर बैटरी असामान्य रूप से गर्म हो रही हो, तो तुरंत सर्विस सेंटर दिखाएं।
प्रशासन और कंपनियों को इन घटनाओं को गंभीरता से लेना होगा, वरना ‘ग्रीन एनर्जी’ का यह सपना किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है।
