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निर्माण एजेंसी के अमलों को गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना हेतु किया जा रहा तैयार

300 लोगों को कलेक्टर की पहल पर निर्माण कार्यों की सिखाये जा रहे हैं, मॉनिटरिंग के गुर

लाइवलीहुड कॉलेज परी में दो पालियों में संपन्न हुआ विशेष प्रशिक्षण, छह विकासखंडों के बीआरसीसी, मंडल संयोजकों, समन्वयकों एवं अधीक्षकों ने लिया भाग

विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्लिंथ लेवल से प्लास्टर तक की तकनीकी बारीकियों एवं सामग्री अनुपात की दी विस्तृत जानकारी

सूरजपुर 23 अप्रैल 2026 /शासकीय शालाओं, आश्रमों एवं छात्रावासों में संचालित निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन पर समग्र शिक्षा, शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के विभागीय निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाइवलीहुड कॉलेज परी में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें निर्माण विभाग से संबंधित कुल 300 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण समग्र शिक्षा सूरजपुर एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो पालियों में संपन्न हुआ।
जिला प्रशासन की मंशा अनुरूप जिले के विभिन्न शालाओं, आश्रमों एवं छात्रावासों में संचालित शाला भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय निर्माण एवं मरम्मत संबंधी समस्त कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण कराना तथा छात्र-छात्राओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना उपलब्ध कराना इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य रहा। कलेक्टर श्री जयवर्धन का स्पष्ट मानना है कि शासकीय धन से होने वाले निर्माण कार्यों का सीधा एवं दीर्घकालिक लाभ छात्र-छात्राओं को मिलना चाहिए तथा निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की गुणवत्ताहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रथम पाली में विकासखंड रामानुजनगर, भैयाथान एवं सूरजपुर के तथा द्वितीय पाली में विकासखंड ओड़गी, प्रतापपुर एवं प्रेमनगर के बीआरसीसी, मंडल संयोजक, खंड स्त्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक एवं आश्रम-छात्रावास अधीक्षकगण सम्मिलित हुए। इस प्रकार जिले के समस्त छह विकासखंडों के निर्माण कार्यों से जुड़े लगभग 300 अधिकारी एवं कर्मचारी एक साथ प्रशिक्षित हुए, जो जिले में विभागीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ श्री विमल सिंह तथा लोक निर्माण विभाग के एसडीओ श्री एस. के. मिश्रा ने प्रतिभागियों को निर्माण कार्यों की समस्त तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षकद्वय ने निर्माण कार्यों के प्लिंथ लेवल से लेकर ढलाई एवं प्लास्टर लेवल तक की प्रत्येक तकनीकी प्रक्रिया तथा प्रत्येक चरण में उपयोग होने वाले निर्माण सामग्री की मात्रा एवं अनुपात के बारे में सूक्ष्म एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को बताया कि निर्माण कार्य के दौरान छोटी-छोटी सावधानियों का पालन एवं सही विधि का उपयोग कर भवन, शौचालय एवं अन्य निर्माण कार्यों की आयु को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उचित तकनीकी मानकों का पालन करने पर निर्माण कार्यों में अक्सर आने वाली क्रैक (दरारें), सीपेज (रिसाव) एवं फ्लोरिंग टूटने जैसी समस्याओं से पूर्णतः बचा जा सकता है। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक उदाहरणों एवं प्रदर्शन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण न केवल शासकीय धन का सदुपयोग सुनिश्चित करता है, बल्कि यह छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं टिकाऊ शैक्षणिक वातावरण भी उपलब्ध कराता है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण के मानदंड, समय-सीमा का पालन तथा अभिलेखीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान अपनी जिज्ञासाओं एवं क्षेत्रीय अनुभवों को साझा करते हुए विशेषज्ञों से समाधान भी प्राप्त किया। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त श्री घनश्याम सिंह, समग्र शिक्षा के मिशन समन्वयक श्री मनोज कुमार साहू, गृह निर्माण मंडल के एसडीओ श्री राजीव दानी, एपीसी श्री सुरबिंद गुर्जर, लेखपाल श्री वीरेंद्र सोनवानी सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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